झारखंड का मध्यकालीन इतिहास 6वीं से 18वीं शताब्दी ईस्वी तक फैला हुआ है, जिसमें गुप्त साम्राज्य के पतन के बाद स्थानीय आदिवासी राजवंशों का उदय, उत्तरी भारतीय साम्राज्यों का प्रभाव, मुस्लिम आक्रमण और अंततः मुगल प्रभुत्व शामिल है। यह काल घने जंगलों और खनिज-समृद्ध पठारों में क्षेत्रीय राज्यों के उदय से लेकर साम्राज्यों के प्रभाव तक का संक्रमण दर्शाता है। मुख्य विषयों में आदिवासी प्रतिरोध, सांस्कृतिक मिश्रण और लोहा-माइका जैसे संसाधनों का आर्थिक शोषण शामिल है। JPSC उम्मीदवारों के लिए यह विषय सामान्य अध्ययन में महत्वपूर्ण है, जो राजवंशों, आक्रमणों और आदिवासी आंदोलनों से जुड़े प्रश्नों में अक्सर आता है।
प्रारंभिक मध्यकाल (6वीं-12वीं शताब्दी ईस्वी)
गुप्त साम्राज्य के पतन के बाद झारखंड में क्षेत्रीय स्वायत्तता का दौर शुरू हुआ। क्षेत्र पाल साम्राज्य (8वीं-12वीं शताब्दी) का हिस्सा रहा, जिसने बौद्ध धर्म को बढ़ावा दिया। हजारीबाग में 10वीं शताब्दी का एक बौद्ध मठ मिला है।
- चीनी यात्री ह्वेनसांग का विवरण (7वीं शताब्दी): 639 ईस्वी में ह्वेनसांग ने क्षेत्र को कर्णसुवर्ण बताया, जिस पर गौड़ के राजा शशांक का शासन था। उन्होंने मगध (उत्तर), चंपा (पूर्व), महेंद्र (पश्चिम) और उड़ीसा (दक्षिण) से घिरे क्षेत्र का वर्णन किया, जहां उपजाऊ भूमि और बौद्ध प्रभाव था।
- स्थानीय राजवंशों का उदय: छोटानागपुर में नागवंशी राजवंश 10वीं शताब्दी के आसपास उभरा, जो पौराणिक सर्प राजा पुंडरिक नाग से वंशावली का दावा करता था। उन्होंने हिंदू और जैन धर्म को संरक्षण दिया तथा रांची में मंदिर बनवाए। सिंहभूम में सिंह राजवंश और पलामू में चेरो शासक भी उभरे।
इस काल में क्षेत्र की दुर्गम भूगोल के कारण बाहरी हस्तक्षेप कम था, जिससे मुंडा और उरांव जैसी आदिवासी समाजों ने अर्ध-स्वायत्त ग्राम व्यवस्था बनाए रखी।
उत्तर मध्यकाल (13वीं-16वीं शताब्दी ईस्वी)
मुस्लिम शासकों के आगमन से बाहरी प्रभाव बढ़ा, हालांकि नियंत्रण ढीला रहा।
- तुर्की आक्रमण: 1206 ईस्वी में बख्तियार खिलजी ने बिहार और बंगाल पर आक्रमण किया, सहिबगंज के तेलियागढ़ी दर्रे से झारखंड होकर गुजरे। इससे दिल्ली सल्तनत का प्रभाव शुरू हुआ।
- दिल्ली सल्तनत काल: गुलाम वंश के दौरान बालबन ने स्थानीय मुखियाओं को दबाने की कोशिश की। क्षेत्र संसाधन सप्लाई करता रहा लेकिन नागवंशी राजाओं ने प्रतिरोध किया। 14वीं शताब्दी तक तुगलक प्रभाव नाममात्र का था।
- शेर शाह सूरी का प्रभाव (16वीं शताब्दी): 1538 में शेर शाह ने हुमायूं से तेलियागढ़ी के पास संघर्ष किया। उन्होंने सड़कें और किले बनवाए। 1576 में राजमहल की लड़ाई ने मुगल नियंत्रण मजबूत किया।
- स्थानीय प्रतिरोध: नागवंशी राजा मधु करण शाह (16वीं शताब्दी) ने आक्रमणों का मुकाबला किया, जबकि पलामू के चेरो राजाओं ने अफगान सरदारों के विरुद्ध किले मजबूत किए।
फारसी ग्रंथों में झारखंड को “कुकरा” या “झारखंड” कहा गया, जो इसकी जंगली दुर्गमता पर जोर देता है।
मुगल काल (16वीं-18वीं शताब्दी ईस्वी)
मुगलों ने झारखंड को साम्राज्य में शामिल किया, लेकिन इसे सीमांत क्षेत्र माना।
- अकबर की विजय (16वीं शताब्दी के अंत): अकबर के सेनापति मान सिंह ने 1590-91 में स्थानीय मुखियाओं को हराया। नागवंशी राजा दुर्जन साल ने कर (पेशकश) देना स्वीकार किया। पलामू के चेरो राजा प्रताप राय ने भी अधीनता मानी।
- औरंगजेब का शासन: कर वृद्धि से विद्रोह हुए। 1660 में दाऊद खान ने चेरो शासकों से पलामू किला छीना और इसे बिहार सूबे में शामिल किया।
- प्रशासनिक बदलाव: क्षेत्र रोहतास और छोटानागपुर जैसे सरकारों में बांटा गया। स्थानीय राजा जमींदार बने और पेशकश देते रहे।
- आदिवासी और किसान विद्रोह: 17वीं शताब्दी में चेरो विद्रोह और प्रारंभिक मुंडा असंतोष हुए, जो बाद के औपनिवेशिक विद्रोहों का पूर्वानुमान थे।
18वीं शताब्दी तक मुगल पतन से मराठा और ब्रिटिश हस्तक्षेप बढ़ा, जो औपनिवेशिक काल की नींव रखा।
प्रमुख राजवंश, जनजातियां और सांस्कृतिक विरासत
- नागवंशी राजवंश: छोटानागपुर पर 1000 वर्ष से अधिक शासन; किले बनवाए और शैव धर्म को बढ़ावा दिया।
- चेरो राजवंश: पलामू पर नियंत्रण; 17वीं शताब्दी में पलामू पुराना और नया किला बनवाया।
- खरगपुर राज (सिंहभूम): राजपूत शासकों के अधीन अर्ध-स्वतंत्र।
- आदिवासी समाज: मुंडा, संथाल, हो ने कृषि अर्थव्यवस्था और प्रकृति-पूजा बनाए रखी, साथीकरण का विरोध किया।
- सांस्कृतिक मिश्रण: हिंदू, बौद्ध और आदिवासी तत्वों का मेल; सरहुल जैसे त्योहार मध्यकालीन जड़ें रखते हैं।
पुरातात्विक स्थल जैसे पलामू किले और रोहतासगढ़ इस काल की वास्तुकला और रणनीतिक महत्व दिखाते हैं।
आधुनिक संदर्भ में महत्व
मध्यकालीन झारखंड का इतिहास प्रतिरोध और संसाधन शोषण के विषयों को उजागर करता है, जो आधुनिक आदिवासी अधिकार आंदोलनों को प्रभावित करता है। पलामू किले जैसे स्थल पर्यटन के लिए बहाल किए जा रहे हैं। JPSC के लिए इसे भारतीय मध्यकालीन इतिहास से जोड़ें, स्थानीय बनाम साम्राज्य गतिशीलता पर फोकस करें।
JPSC प्रीलिम्स के लिए 99 पिछले वर्षों के और संभावित प्रश्न
पिछले JPSC पेपरों (जैसे 2013, 2021) और संभावित विषयों पर आधारित 99 MCQ। प्रश्न 1-50 पिछले पैटर्न से मिलते-जुलते हैं (कालक्रम, राजवंश, आक्रमण)। 51-99 संभावित हैं। उत्तर अंत में।
पिछले वर्षों के पैटर्न वाले प्रश्न (1-50)
- निम्नलिखित को कालानुक्रमिक क्रम में व्यवस्थित करें:
a. पाल साम्राज्य
b. नागवंशी राजवंश
c. चेरो राजवंश
विकल्प: (A) a, b, c (B) a, c, b (C) b, a, c (D) c, a, b - ह्वेनसांग ने मध्यकालीन झारखंड को क्या कहा:
(A) मगध (B) कर्णसुवर्ण (C) पुंड्र (D) कुकरा - छोटानागपुर पर मध्यकाल में किस राजवंश का शासन था?
(A) चेरो (B) पाल (C) नागवंशी (D) सिंह - बख्तियार खिलजी ने झारखंड के किस दर्रे से आक्रमण किया?
(A) रोहतास (B) तेलियागढ़ी (C) पलामू (D) राजमहल - शेर शाह सूरी ने हुमायूं से किसके पास संघर्ष किया?
(A) हजारीबाग (B) तेलियागढ़ी (C) रांची (D) सिंहभूम - 1576 की राजमहल की लड़ाई किसके बीच थी:
(A) मुगल और अफगान (B) मुगल और चेरो (C) दिल्ली सल्तनत और पाल (D) मराठा और मुगल - अकबर के सेनापति जिन्होंने झारखंड के मुखियाओं को हराया:
(A) दाऊद खान (B) मान सिंह (C) बालबन (D) शेर शाह - पलामू किला मुगलों द्वारा किसके शासन में छीना गया?
(A) अकबर (B) औरंगजेब (C) जहांगीर (D) शाहजहां - मध्यकालीन झारखंड किस संसाधन के लिए प्रसिद्ध था?
(A) सोना (B) लोहा और माइका (C) हीरा (D) कोयला - अकबर को कर देने वाला नागवंशी राजा:
(A) दुर्जन साल (B) प्रताप राय (C) मधु करण शाह (D) शशांक
पिछले वर्षों के पैटर्न वाले प्रश्न (11-50)
- मध्यकालीन झारखंड में बौद्ध धर्म को किस साम्राज्य ने प्रभावित किया?
(A) गुप्त (B) पाल (C) मुगल (D) मौर्य - तेलियागढ़ी दर्रा किस काल में प्रवेश द्वार बना?
(A) 13वीं शताब्दी (B) 16वीं शताब्दी (C) 10वीं शताब्दी (D) 18वीं शताब्दी - चेरो राजवंश का शासन क्षेत्र था:
(A) छोटानागपुर (B) पलामू (C) सिंहभूम (D) संथाल परगना - फारसी ग्रंथों में झारखंड को क्या कहा गया?
(A) हिरण्य (B) कुकरा (C) पशुभूमि (D) पुलिंद - बालबन ने झारखंड को नियंत्रित करने की कोशिश की:
(A) गुलाम वंश के दौरान (B) तुगलक काल (C) खिलजी काल (D) लोदी काल - 10वीं शताब्दी का बौद्ध मठ मिला है:
(A) रांची में (B) हजारीबाग में (C) पलामू में (D) राजमहल में - नागवंशी राजवंश ने किससे वंशावली का दावा किया?
(A) सर्प राजा से (B) सूर्य वंश से (C) चंद्र वंश से (D) गुप्त से - दाऊद खान ने पलामू पर कब्जा किया:
(A) 1660 में (B) 1590 में (C) 1206 में (D) 1576 में - मध्यकाल में आदिवासी व्यवस्था अर्ध-स्वायत्त थी:
(A) ग्रामों में (B) शहरों में (C) किलों में (D) बंदरगाहों में - सुल्तान आदिल खान द्वितीय ने क्या उपाधि ली?
(A) शाह-ए-बंगाल (B) शाह-ए-झारखंड (C) सुल्तान-ए-बिहार (D) खान-ए-मगध - शशांक ने कर्णसुवर्ण पर शासन किया:
(A) 7वीं शताब्दी में (B) 13वीं शताब्दी में (C) 16वीं शताब्दी में (D) 10वीं शताब्दी में - मुगलों ने झारखंड को क्या माना?
(A) मुख्य प्रांत (B) सीमांत क्षेत्र (C) स्वतंत्र राज्य (D) व्यापार केंद्र - अकबर के सामने अधीनता मानने वाला चेरो राजा:
(A) दुर्जन साल (B) प्रताप राय (C) मधु करण शाह (D) विश्वनाथ शाही - खरगपुर राज स्थित था:
(A) पलामू में (B) सिंहभूम में (C) छोटानागपुर में (D) हजारीबाग में - सरहुल जैसे त्योहारों की जड़ें हैं:
(A) मुगल काल में (B) आदिवासी परंपराओं में (C) पाल काल में (D) दिल्ली सल्तनत में - मान सिंह का अभियान हुआ:
(A) 1590-91 में (B) 1660 में (C) 1206 में (D) 1538 में - रोहतासगढ़ किला जुड़ा है:
(A) शेर शाह से (B) नागवंशी से (C) चेरो से (D) पाल से - मध्यकालीन आदिवासी विद्रोह पूर्वानुमान करते हैं:
(A) 1857 विद्रोह के (B) औपनिवेशिक विद्रोहों के (C) स्वतंत्रता आंदोलन के (D) झारखंड राज्य के - नागवंशी ने संरक्षण दिया:
(A) इस्लाम को (B) हिंदू और जैन धर्म को (C) बौद्ध धर्म को (D) ईसाई धर्म को - ह्वेनसांग ने यात्रा की:
(A) हर्ष के शासन में (B) शशांक के शासन में (C) पाल राजाओं के समय (D) गुप्तों के समय - बख्तियार खिलजी का आक्रमण वर्ष:
(A) 1206 (B) 1576 (C) 1660 (D) 639 - शेर शाह ने बनवाया:
(A) सड़कें और किले (B) मंदिर (C) नहरें (D) बंदरगाह - झारखंड में मुगल सरकारें शामिल थीं:
(A) रोहतास (B) मगध (C) चंपा (D) उड़ीसा - चेरो विद्रोह हुआ:
(A) 17वीं शताब्दी में (B) 13वीं शताब्दी में (C) 10वीं शताब्दी में (D) 7वीं शताब्दी में - नागवंशी शासन चला:
(A) 1951 तक (B) 18वीं शताब्दी तक (C) 16वीं शताब्दी तक (D) 12वीं शताब्दी तक - तेलियागढ़ी दर्रा स्थित है:
(A) सहिबगंज में (B) पलामू में (C) रांची में (D) हजारीबाग में - औरंगजेब की नीतियों से हुआ:
(A) शांति (B) विद्रोह (C) व्यापार वृद्धि (D) सांस्कृतिक पतन - मध्यकालीन अर्थव्यवस्था आधारित थी:
(A) कृषि और खनन पर (B) समुद्री व्यापार पर (C) शहरी शिल्प पर (D) घुमंतू जीवन पर - सिंह राजवंश का शासन था:
(A) सिंहभूम में (B) पलामू में (C) छोटानागपुर में (D) राजमहल में - भविष्य पुराण में झारखंड को कहा गया:
(A) 56 देशों में से एक (B) जंगली भूमि (C) खनिज केंद्र (D) आदिवासी क्षेत्र - मलिक इख्तियारुद्दीन था:
(A) दिल्ली सल्तनत के अधीन (B) मुगलों के अधीन (C) पालों के अधीन (D) गुप्तों के अधीन - हुमायूं-शेर शाह संघर्ष हुआ:
(A) तेलियागढ़ी के पास (B) पलामू में (C) रोहतास में (D) राजमहल में - नागवंशी मंदिर स्थित हैं:
(A) रांची में (B) हजारीबाग में (C) सिंहभूम में (D) सहिबगंज में - पेशकश का अर्थ है:
(A) कर/शुल्क (B) भूमि अनुदान (C) उपाधि (D) व्यापार - मराठा हस्तक्षेप हुआ:
(A) 18वीं शताब्दी में (B) 16वीं शताब्दी में (C) 13वीं शताब्दी में (D) 10वीं शताब्दी में - उरांव जनजाति मध्यकाल में थी:
(A) कृषि आधारित (B) घुमंतू (C) शहरी (D) समुद्री - पलामू किले बनवाए:
(A) चेरो राजाओं ने (B) नागवंशियों ने (C) मुगलों ने (D) ब्रिटिश ने - कर्णसुवर्ण की सीमाएं थीं:
(A) उड़ीसा दक्षिण (B) बंगाल पूर्व (C) बिहार उत्तर (D) उपरोक्त सभी - आदिल खान द्वितीय ने विजय प्राप्त की:
(A) 15वीं शताब्दी में (B) 13वीं शताब्दी में (C) 16वीं शताब्दी में (D) 18वीं शताब्दी में - मध्यकालीन प्रतिरोध किया:
(A) स्थानीय मुखियाओं ने (B) किसानों ने (C) जनजातियों ने (D) उपरोक्त सभी
संभावित प्रश्न (51-99)
- प्रारंभिक मध्यकालीन झारखंड किसके अधीन था?
(A) पाल साम्राज्य (B) मुगल (C) ब्रिटिश (D) मौर्य - ह्वेनसांग ने बताया:
(A) उपजाऊ भूमि (B) मरुस्थल (C) केवल पर्वत (D) नदियां - नागवंशी राजधानी थी:
(A) डोईसा (B) रांची (C) पलामू (D) हजारीबाग - बख्तियार खिलजी का लक्ष्य था:
(A) बंगाल विजय (B) झारखंड शासन (C) व्यापार (D) धर्म - शेर शाह के योगदान:
(A) सड़कें और किले (B) मंदिर (C) नहरें (D) बंदरगाह - मुगल एकीकरण हुआ:
(A) कर प्रणाली से (B) सीधे शासन से (C) गठबंधन से (D) केवल युद्ध से - चेरो किले प्रतीक हैं:
(A) प्रतिरोध के (B) व्यापार के (C) संस्कृति के (D) धर्म के - मध्यकाल में आदिवासी प्रकृति पूजा:
(A) बनी रही (B) कम हुई (C) परिवर्तित हुई (D) शहरी हुई - पुराणों में झारखंड का नाम:
(A) झारखंड (B) कुकरा (C) दोनों (D) कोई नहीं - बालबन के अभियान लक्षित थे:
(A) स्थानीय मुखियाओं पर (B) जनजातियों पर (C) मुगलों पर (D) ब्रिटिश पर - 10वीं शताब्दी का मठ प्रमाण है:
(A) बौद्ध धर्म का (B) हिंदू धर्म का (C) इस्लाम का (D) जैन धर्म का - दुर्जन साल था:
(A) नागवंशी (B) चेरो (C) पाल (D) मुगल - तुगलक प्रभाव था:
(A) नाममात्र का (B) मजबूत (C) अनुपस्थित (D) विनाशकारी - राजमहल की लड़ाई का परिणाम:
(A) मुगल विजय (B) अफगान विजय (C) ड्रॉ (D) छोड़ना - अकबर की नीति थी:
(A) सहिष्णुता (B) केवल विजय (C) अलगाव (D) व्यापार प्रतिबंध - औरंगजेब ने कब्जा किया:
(A) पलामू (B) छोटानागपुर (C) सिंहभूम (D) सभी - मध्यकालीन खनन:
(A) लोहा (B) सोना (C) कोयला (D) तेल - नागवंशी ने संरक्षण दिया:
(A) मंदिरों को (B) मस्जिदों को (C) चर्च को (D) स्तूपों को - ह्वेनसांग की यात्रा वर्ष:
(A) 639 ईस्वी (B) 1206 (C) 1576 (D) 1660 - तेलियागढ़ी की भूमिका:
(A) प्रवेश द्वार (B) किला (C) मंदिर (D) बाजार - चेरो ने अधीनता मानी:
(A) अकबर को (B) शेर शाह को (C) बालबन को (D) पाल को - सिंहभूम के शासक थे:
(A) राजपूत (B) आदिवासी (C) मुगल (D) अफगान - सरहुल त्योहार है:
(A) आदिवासी (B) मुगल (C) पाल (D) ब्रिटिश - मान सिंह ने हराया:
(A) दुर्जन साल (B) प्रताप राय (C) दोनों (D) कोई नहीं - रोहतासगढ़ जुड़ा है:
(A) शेर शाह से (B) नागवंशी से (C) चेरो से (D) पाल से - मुगल पतन से हुआ:
(A) मराठा (B) ब्रिटिश (C) दोनों (D) कोई नहीं - मुंडा असंतोष हुआ:
(A) मध्यकाल में (B) केवल औपनिवेशिक काल में (C) प्राचीन काल में (D) आधुनिक काल में - पलामू किलों की आयु:
(A) 400 वर्ष (B) 1000 वर्ष (C) 200 वर्ष (D) 600 वर्ष - कर्णसुवर्ण का शासक:
(A) शशांक (B) हर्ष (C) पाल (D) गुप्त - आदिल खान द्वितीय था:
(A) खानदेश से (B) दिल्ली से (C) बंगाल से (D) बिहार से - मध्यकालीन भूगोल:
(A) जंगल (B) मरुस्थल (C) मैदान (D) तट - आदिवासी अर्थव्यवस्था:
(A) कृषि (B) औद्योगिक (C) व्यापार (D) केवल घुमंतू - नागवंशी वंशावली मिथक:
(A) नाग (B) सूर्य (C) चंद्र (D) गुप्त - दाऊद खान की विजय:
(A) 1660 (B) 1590 (C) 1206 (D) 1538 - पेशकश देने वाले थे:
(A) स्थानीय राजा (B) किसान (C) व्यापारी (D) जनजातियां - मराठा हस्तक्षेप:
(A) 18वीं शताब्दी (B) 16वीं (C) 13वीं (D) 10वीं - उरांवों ने किया:
(A) कृषि (B) केवल शिकार (C) व्यापार (D) युद्ध - चेरो किले स्थित हैं:
(A) पलामू में (B) रांची में (C) हजारीबाग में (D) सिंहभूम में - ह्वेनसांग ने सीमाओं का उल्लेख किया:
(A) मगध उत्तर (B) उड़ीसा दक्षिण (C) दोनों (D) कोई नहीं - सुल्तान आदिल खान की उपाधि:
(A) शाह-ए-झारखंड (B) खान-ए-बंगाल (C) सुल्तान-ए-बिहार (D) राजा-ए-मगध - मलिक इख्तियारुद्दीन ने आक्रमण किया:
(A) बंगाल के लिए झारखंड से होकर (B) केवल झारखंड पर (C) बिहार पर (D) उड़ीसा पर - हुमायूं-शेर शाह संघर्ष:
(A) तेलियागढ़ी के पास (B) पलामू (C) रोहतास (D) राजमहल - नागवंशी मंदिर:
(A) शैव (B) वैष्णव (C) बौद्ध (D) जैन - मध्यकालीन कर प्रणाली:
(A) पेशकश (B) जजिया (C) चौथ (D) सरदेशमुखी - मुगल सरकारें:
(A) रोहतास और छोटानागपुर (B) केवल मगध (C) बंगाल (D) उड़ीसा - चेरो विद्रोह शताब्दी:
(A) 17वीं (B) 13वीं (C) 10वीं (D) 7वीं - नागवंशी समाप्ति:
(A) 1951 (B) 18वीं शताब्दी (C) 16वीं (D) 12वीं - तेलियागढ़ी जिला:
(A) सहिबगंज (B) पलामू (C) रांची (D) हजारीबाग - औरंगजेब के कारण हुआ:
(A) विद्रोह (B) शांति (C) व्यापार (D) संस्कृति
उत्तर (1-99)
- (A) 2. (B) 3. (C) 4. (B) 5. (B) 6. (A) 7. (B) 8. (B) 9. (B) 10. (A)
- (B) 12. (A) 13. (B) 14. (B) 15. (A) 16. (B) 17. (A) 18. (A) 19. (A) 20. (B)
- (A) 22. (B) 23. (B) 24. (B) 25. (B) 26. (A) 27. (A) 28. (B) 29. (B) 30. (B)
- (A) 32. (A) 33. (A) 34. (A) 35. (A) 36. (A) 37. (B) 38. (A) 39. (A) 40. (A)
- (A) 42. (A) 43. (A) 44. (A) 45. (A) 46. (A) 47. (A) 48. (D) 49. (A) 50. (D)
- (A) 52. (A) 53. (A) 54. (A) 55. (A) 56. (A) 57. (A) 58. (A) 59. (C) 60. (A)
- (A) 62. (A) 63. (A) 64. (A) 65. (A) 66. (A) 67. (A) 68. (A) 69. (A) 70. (A)
- (A) 72. (A) 73. (A) 74. (C) 75. (A) 76. (C) 77. (A) 78. (A) 79. (A) 80. (A)
- (A) 82. (A) 83. (A) 84. (A) 85. (A) 86. (A) 87. (A) 88. (A) 89. (C) 90. (A)
- (A) 92. (A) 93. (A) 94. (A) 95. (A) 96. (A) 97. (A) 98. (A) 99. (A)
ये प्रश्न ऐतिहासिक स्रोतों (जैसे विकिपीडिया, टेस्टबुक, झारखंड परीक्षा प्रेप) पर आधारित हैं। अभ्यास करें और JPSC में सफलता प्राप्त करें। अधिक प्रश्नों के लिए कमेंट करें!
