झारखंड की विभिन्न राजवंशों की कालानुक्रमिक सूची

chronology of dynasties in Jharkhand

झारखंड की विभिन्न राजवंशों की कालानुक्रमिक सूची (Chronology of Different Dynasties in Jharkhand) निम्नलिखित है। झारखंड का इतिहास मुख्य रूप से आदिवासी जनजातियों और क्षेत्रीय राजवंशों पर आधारित रहा है, जहाँ बड़े साम्राज्यों (जैसे मगध, मौर्य, गुप्त) का प्रभाव नाममात्र का रहा, लेकिन स्थानीय शासक (Nagvanshi, Chero आदि) लंबे समय तक स्वायत्त रहे।

यह कालक्रम प्राचीन से आधुनिक तक प्रमुख राजवंशों/शासकों पर आधारित है (ऐतिहासिक स्रोतों जैसे विकिपीडिया, JPSC नोट्स, और अन्य विश्वसनीय संदर्भों से संकलित)। ध्यान दें कि कुछ तिथियाँ पौराणिक/अनुमानित हैं, क्योंकि प्राचीन इतिहास में विवाद हैं।

प्रमुख राजवंशों की कालानुक्रमिक सूची

  1. प्राचीन काल (Ancient Period)
  • मगध/अंग महाजनपद (लगभग 600–321 ईसा पूर्व): झारखंड का उत्तरी भाग मगध और अंग का हिस्सा।
  • नंद साम्राज्य (321–185 ईसा पूर्व): क्षेत्र पर प्रभाव।
  • मौर्य साम्राज्य (322–185 ईसा पूर्व): अशोक के समय क्षेत्र में बौद्ध प्रभाव।
  • गुप्त साम्राज्य (320–550 ईस्वी): “स्वर्ण युग” में क्षेत्रीय प्रभाव, लेकिन स्थानीय आदिवासी स्वायत्त।
  • पाल साम्राज्य (750–1174 ईस्वी): 10वीं शताब्दी में हजारीबाग में बौद्ध मठ प्रमाण।
  1. प्रारंभिक मध्यकालीन स्थानीय राजवंश (Early Medieval Local Dynasties)
  • खयरावला राजवंश (Khayaravala Dynasty) — 11वीं–12वीं शताब्दी: बिहार-झारखंड के कुछ हिस्सों पर शासन, आदिवासी प्रभाव।
  • नागवंशी राजवंश (Nagvanshi Dynasty of Chotanagpur) — लगभग 4वीं/5वीं शताब्दी से 1951 तक (मुख्य रूप से 10वीं शताब्दी से ऐतिहासिक प्रमाण):
    • संस्थापक (पौराणिक): फणि मुकुट राय (Phani Mukut Rai) — 1ली शताब्दी या 64 ईस्वी (किंवदंती)।
    • ऐतिहासिक शुरुआत: 10वीं शताब्दी से मजबूत।
    • प्रमुख राजा: भीम करण (मध्यकाल), दुर्जन साल (16वीं–17वीं शताब्दी), मदन शाह (17वीं शताब्दी)।
    • क्षेत्र: छोटानागपुर पठार (रांची, हजारीबाग आदि)।
    • मुगल काल में अधीनता (अकबर से), लेकिन 1951 तक जमींदारी बनी रही।
    • अंतिम राजा: लाल चिंतामणि शरण नाथ शाहदेव (1931–2014)।
  1. उत्तर मध्यकालीन राजवंश (Later Medieval Dynasties)
  • चेरो राजवंश (Chero Dynasty of Palamu) — 12वीं शताब्दी से 19वीं शताब्दी तक (मुख्य रूप से 16वीं–18वीं शताब्दी मजबूत):
    • संस्थापक/प्रमुख: भगवंत राय (16वीं शताब्दी), मेदिनी राय (17वीं शताब्दी) — सबसे प्रसिद्ध।
    • क्षेत्र: पलामू (Latehar, Garhwa आदि), रोहतासगढ़ से प्रभाव।
    • मुगल संघर्ष: शेर शाह सूरी (1530s), अकबर (1590s), जहांगीर-शाहजहां (1620s–1650s) के समय विद्रोह और अधीनता।
    • पलामू किले (पुराना और नया) — मेदिनी राय द्वारा निर्मित।
    • ब्रिटिश काल में कमजोर होकर समाप्त (19वीं शताब्दी)।
  • सिंह राजवंश (Singh Dynasty of Singhbhum) — मध्यकाल से 19वीं शताब्दी: सिंहभूम क्षेत्र पर शासन, राजपूत प्रभाव।
  • रामगढ़ राज (Ramgarh Raj) — 14वीं–19वीं शताब्दी: हजारीबाग, कोडरमा क्षेत्र, खरवार प्रभाव।
  • खरगदीहा/खरवार संबंधित जमींदारियां — 18वीं–19वीं शताब्दी: कोडरमा, गढ़ी पलगंज आदि।
  • अन्य: राक्सेल (Raksel), नामुदाग राज, राज धनवार आदि छोटे राजवंश/जमींदारियां (मध्यकाल से ब्रिटिश काल तक)।

संक्षिप्त टाइमलाइन सारांश (Chronological Overview)

  • प्राचीन (पूर्व 500 ईसा पूर्व–500 ईस्वी): मगध → नंद → मौर्य → गुप्त → पाल प्रभाव।
  • प्रारंभिक मध्यकाल (500–1200 ईस्वी): खयरावला, प्रारंभिक नागवंशी।
  • मध्य मध्यकाल (1200–1600 ईस्वी): दिल्ली सल्तनत प्रभाव → नागवंशी मजबूत → चेरो उदय (भगवंत राय 1570s)।
  • उत्तर मध्यकाल/मुगल काल (1600–1750 ईस्वी): मुगल अधीनता (अकबर 1590s, औरंगजेब 1660s) → नागवंशी/चेरो विद्रोह → पेशकश/कर प्रणाली।
  • आधुनिक काल (1750–1947): ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी → जमींदारी → 1857 विद्रोह में भागीदारी → 1951 में जमींदारी उन्मूलन।
  • 2000: झारखंड राज्य गठन।

झारखंड का अधिकांश इतिहास आदिवासी स्वायत्तता और स्थानीय प्रतिरोध पर आधारित रहा है, जहाँ बड़े साम्राज्यों का प्रत्यक्ष नियंत्रण कम था। JPSC/JSSC परीक्षाओं में नागवंशी और चेरो राजवंश सबसे महत्वपूर्ण हैं।